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37 . पैसा बोलता है ...

तुम्हारी हार की वजह , असफलता की वजह तुम्हारा अहंकार है कि मैं सब कुछ जानता हूँ - मैं मानता हूँ तुम बहुत कुछ जानते हो , जवान हो , काबिल हो, नई पीढ़ी से हो, टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है, सिस्टम कैसे बनाये जाते है , कैसे चलाये जाते है - सब कुछ जानते हो तुम और इस सब कुछ जानने ने तुम्हे अहंकारी बना दिया है जिसे तुम सब कुछ जानना समझ रहे हो और जिस वजह से तुम्हे अपने ज्ञान का गुरूर है वो सब कुछ जानना तब तुम्हारी हार की पोल खोल देता है जब तुम्हारे बैंक स्टेटमेंट द ेखे जाते है !! तुम्हारा सारा ज्ञान किताबी ज्ञान है , सामाजिक ज्ञान है , लफ्फाजी ज्ञान है - इतने वाक्पटु हो तुम , इतने कॉंफिडेंट नज़र आते हो कि किसी को भी भरमा सकते हो , जब मार्केटिंग की बात आती है तो जितनी डिटेल में जाकर तुम चीज़ों को बयां करते हो , तुम पर गर्व होता है , जब सेल्स की बात आती है तो जितने कफिडेन्स से तुम क्लाइंट से बात करते हो और प्रोडक्ट सेल कर देते हो , आश्चर्य होता है और तुम्हारे भविष्य को सिक्योर महसूस करता हूँ लेकिन परेशान तब हो जाता हूँ जब तुम्हारे बैंक स्टेटमेंट देखता हूँ !! क्या है ऐसा जो तुम नही...