106. सही या गलत -निर्णय आपका !

हकीकत में अमीर गरीबों से ज्यादा स्मार्ट नहीं होते है. बस उनकी पैसे से सम्बंधित आदतें गरीबों से अलग और पैसे को बढ़ाने में मददगार होती है  जो मूल रूप से उनकी अतीत की कंडीशनिंग से जुडी होती है .

                                       गरीबों के लिए बचत या निवेश उत्सव की तरह होते है जबकि अमीरों के लिए हर रोज़ किये जानेवाले  कामों की तरह एक आदत.और ये आदत होना ही उन्हें परफेक्शन देता है जो गरीबों के हिस्से में नहीं आती .

                         अगर आप पैसे का उचित प्रबंधन नहीं करते है तो दो बातें हो सकती है ,पहली आपके दिमाग में इसकी प्रोग्रामिंग ही नहीं हुई है और दूसरी शायद आप ये जानते ही नहीं है कि पैसे का सही और उचित प्रबंधन कैसे किया जाता है .पहली बात आपकी कंडीशनिंग से जुडी है(इसके लिए  मेरी पोस्ट 91 ,92 ,96  देखें )और दूसरी आपकी शिक्षा से जुडी है ( मेरी पुरानी पोस्ट पढ़े ).

                      
                        दुर्भाग्य से स्कूलों  में मनी मैनेजमेंट नाम का कोई सब्जेक्ट नहीं होता है ,आपकी स्कूल का मुझे नहीं पता ,मेरी स्कूल में नहीं था.  हमारे किसी भी  स्कूल टीचर ने हमें कभी भी पैसे के बारे में नहीं सिखाया अगर हम उनसे कभी पैसे के बारे में पूछ भी लेते थे तो उनका हमेशा यही जवाब होता था कि अपने सब्जेक्ट को बराबर याद करो तुम अभी इस बारे में सीखने के लिए बहुत छोटे  हो - और स्कूल क्या कॉलेज छोड़ने तक हम छोटे ही रहे ,बाहर की दुनिया ने हमे कब बड़ा बनाया पता ही नहीं चला ,हाँ,किस खूबसूरती से हमारे टीचर्स  ने हमसे अपनी गरीबी और पैसे की नासमझी छुपाई ये अब समझ में आता है .
- सुबोध
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