आपकी वास्तविकता

बनाने के दौरान
आप सीखते है बर्बाद करना
और बर्बाद करने के दौरान
सबक सीखते है आप
अपनी गलतियों से
और बन जाते है इतने समझदार
कि दोहराव न हो गलतियों का .
और फिर बनाते है
बर्बाद हुए को नए सिरे से.

-
यह पूरा क्रिया-चक्र
बनाना
बर्बाद करना
और फिर से बनाना
बनाता है आपको संपूर्ण .
इस दौरान
जो बनते है आप
वही होती है
आपकी सच्ची वास्तविकता .

-
उसके बाद आने वाली
असफलताएँ
विचलित नहीं करती आपको
बल्कि
उत्साहित करती है
चुनौती की तरह .
क्योंकि आप जानते है
नए सिरे से बनाने की
पूरी प्रकिया को .

-
बनाते-बनाते आप
वह बन जाते है
जहाँ
सफलता
और
असफलता
महत्व नहीं रखती
क्योंकि
पहुँच जाते है आप
उस शिखर पर
जो आपकी
वास्तविकता है .

सुबोध अप्रैल ३०,२०१४

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