Monday, August 18, 2014

102 . सही या गलत -निर्णय आपका !

हम सभी में दो भावनाएँ होती हैं डर और लालच .
पैसा न होने के डर से हमे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है और पैसा हाथ में आने के बाद लालच की भावना जाग जाती है ,ये भी हमारे पास होना चाहिए और वो भी . लालच -इसे इच्छा भी कह सकते है, का कहीं कोई अंत नहीं होता , सो आदमी एक चक्र में फंस जाता है पैसा कमाओ इच्छाएं पूरी करो और कमाओ और इच्छाएं पूरी करो और कमाओ --- ये चक्र कहीं रुकता नहीं है .इसे पढ़े-लिखे लोग कोल्हू का बैल, रेट रेस  कहते है कि सब कुछ किया लेकिन अंततः वही के वही रह गए - कमाने से बिल चुकाने तक .
 वित्तीय स्वतंत्रता आपको इस रेट रेस से आज़ादी दिलाती है .
- सुबोध
www.saralservices.com
( one sim all recharge , MLM )

www.saralservices.com

No comments: